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1 Mar 2026, Sun

प्रकाश अस्पताल के बाहर जाम, भीतर सवालों का अंबार,स्वास्थ विभाग मौन….

सोनू केदार की रिपोर्ट: अम्बिकापुर में इन दिनों निजी अस्पतालों की भरमार है, लेकिन नियम और मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं इन्हीं चर्चाओं के केंद्र में है स्थानीय नागरिकों कहना है की प्रकाश अस्पताल, जहां सेवा के दावे तो बड़े-बड़े हैं, पर व्यवस्थाओं की हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है पार्किंग नहीं, सड़क पर अतिक्रमण जैसे हालात
प्रकाश अस्पताल के आसपास पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं है नतीजा अस्पताल के बाहर रोजाना जाम की स्थिति  इसी मार्ग से मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए गंभीर मरीज एंबुलेंस से ले जाए जाते हैं, लेकिन जाम के कारण एंबुलेंस चालकों को भारी मशक्कत करनी पड़ती है एक एंबुलेंस ड्राइवर के अनुसार, कई बार गंभीर मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते क्योंकि अस्पताल के बाहर गाड़ियों की लंबी कतार लगी रहती है ऐसी स्थिति में कभी भी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता  नर्सिंग होम एक्ट और व्यवस्थाओं पर उठते सवाल अस्पताल के संचालन को लेकर नर्सिंग होम एक्ट के तहत कई अनियमितताओं की चर्चा है स्थानीय निवासियों का कहना है की शहर में जिस तरह क्लीनिक की तर्ज पर अस्पताल खुल रहे हैं, वह भी चिंता का विषय बनता जा रहा है आयुष्मान योजना से राशि लेने के साथ-साथ मरीजों से नगद भुगतान भी लिया जा रहा है इससे आम लोगों में असंतोष बढ़ रहा है और कई मरीज मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों की ओर रुख कर रहे हैं स्वास्थ्य विभाग की खामोशी पर सवाल हैरानी की बात यह है कि प्रकाश अस्पताल के समीप ही मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी का कार्यालय स्थित है अधिकारी रोज इसी मार्ग से गुजरते हैं, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई या नोटिस सामने नहीं आया सवाल उठता है कि आखिर निजी अस्पतालों में औचक निरीक्षण क्यों नहीं होता स्थानीय लोगों की मांग है की कम से कम वर्ष में एक बार सख्त जांच तो अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके स्वास्थ्य सेवाएं जनता की जरूरत हैं, लेकिन यदि व्यवस्थाएं दुरुस्त न हों तो यही सेवाएं संकट का कारण बन सकती हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मुद्दे पर कब संज्ञान लेता है।