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13 May 2026, Wed

सरगुजा संभाग में शोध, शिक्षण एवं प्रसार गतिविधियों की समीक्षा हेतु आयोजित हुई आंचलिक समीक्षा बैठक

उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, सिलफिली में क्षेत्र-1 उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र की एक दिवसीय समीक्षा बैठक सम्पन्न

महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग के निर्देशानुसार उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, सिलफिली, जिला–सूरजपुर (छ.ग.) में दिनांक 11/05/2026 को “क्षेत्रीय समीक्षा बैठक – क्षेत्र-1 उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र” का एक दिवसीय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र के अंतर्गत संचालित उद्यानिकी महाविद्यालयों एवं अनुसंधान केंद्रों की शोध, शिक्षण, प्रक्षेत्रीय एवं प्रसार गतिविधियों की समीक्षा करना तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विचार-विमर्श करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. जितेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, सिलफिली के अधिष्ठाता एवं संचालक प्रसार शिक्षा एवं प्रशिक्षण डॉ. रविन्द्र तिग्गा द्वारा की गई। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उद्यान विकास अधिकारी सुश्री रिमझिम ताम्रकार उपस्थित रहीं। इसके अतिरिक्त उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र के विभिन्न उद्यानिकी महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, शिक्षकगण एवं अन्य अधिकारीगण कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। तत्पश्चात महाविद्यालय प्रशासन की ओर से सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
अपने स्वागत उद्बोधन में अधिष्ठाता एवं संचालक प्रसार शिक्षा एवं प्रशिक्षण डॉ. रविन्द्र तिग्गा ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार की समीक्षा बैठकें शोध, शिक्षण एवं तकनीकी प्रसार गतिविधियों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ विभिन्न महाविद्यालयों के मध्य समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने महाविद्यालय में संचालित विभिन्न शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों की जानकारी भी प्रदान की।
मुख्य अतिथि संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. जितेन्द्र सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि शोध, शिक्षण एवं प्रसार तीनों गतिविधियों के समन्वित प्रयासों से ही उद्यानिकी क्षेत्र का सतत विकास संभव है। उन्होंने विभिन्न महाविद्यालयों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा देने तथा गुणवत्तापूर्ण तकनीकी सेवाएं कृषकों तक पहुँचाने हेतु प्रेरित किया।
उद्यान विकास अधिकारी सुश्री रिमझिम ताम्रकार ने उद्यानिकी विकास योजनाओं एवं विभागीय गतिविधियों की जानकारी साझा करते हुए कृषक हितैषी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने उद्यानिकी क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के प्रचार-प्रसार एवं कृषकों तक तकनीकी जानकारी पहुँचाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र के अंतर्गत संचालित विभिन्न उद्यानिकी महाविद्यालयों एवं अनुसंधान केंद्रों द्वारा अपने-अपने संस्थानों की उपलब्धियों, अनुसंधान गतिविधियों, तकनीकी नवाचारों एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस दौरान उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र कुनकुरी, कोतबा, सीतापुर, बलरामपुर–रामानुजगंज, चिरमिरी एवं सिलफिली के अधिष्ठाताओं द्वारा विस्तारपूर्वक प्रस्तुतियाँ दी गईं।
बैठक में विभिन्न संस्थानों के मध्य तकनीकी सहयोग, शोध गतिविधियों के आदान-प्रदान, कृषक हितैषी तकनीकों के प्रचार-प्रसार एवं क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान हेतु सामूहिक प्रयासों पर विशेष चर्चा की गई। उपस्थित अतिथियों ने अपने सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान करते हुए कहा कि इस प्रकार की समीक्षा बैठकें संस्थानों के मध्य समन्वय एवं कार्यक्षमता को बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती हैं।
कार्यक्रम के अंत में अधिष्ठाता एवं संचालक प्रसार शिक्षा एवं प्रशिक्षण डॉ. रविन्द्र तिग्गा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं महाविद्यालय के कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम उपरांत अतिथियों द्वारा गणेशपुर स्थित बहुमंजिली कृषि मॉडल का भ्रमण भी किया गया, जहाँ उन्होंने कृषक से विभिन्न उद्यानिकी गतिविधियों एवं अपनाई जा रही तकनीकों के संबंध में चर्चा की। भ्रमण के दौरान बहुमंजिली कृषि प्रणाली अंतर्गत सुपारी, कॉफी, अनानास सहित विभिन्न उद्यानिकी फसलों का अवलोकन किया गया। उपस्थित अतिथियों ने एकीकृत कृषि प्रणाली की सराहना करते हुए इसे कृषकों की आय वृद्धि, संसाधनों के बेहतर उपयोग एवं क्षेत्र में सतत उद्यानिकी विकास हेतु उपयोगी बताया।