शहडोल: शहडोल टोल प्लाज़ा फिर विवादों में है। शिकायतकर्ता बृजेश कुमार द्विवेदी ने आरोप लगाया है कि एनुअल पास और फास्टैग होने के बावजूद टोल कर्मचारियों ने न सिर्फ उनकी गाड़ी रोकी, बल्कि गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी तक दी।
द्विवेदी की कार DL10CE4035 भीड़ के कारण पहली लेन से गुजर रही थी। जैसे ही वाहन आगे बढ़ा, टोल का एक अनाधिकृत दबंग कर्मचारी आया और बहस शुरू कर दी।
वाहन मालिक ने शीशे बंद कर लिए, फिर भी कर्मचारियों ने चारों तरफ से कांच पर जोरदार वार किए। एक कर्मचारी ने तो ड्राइवर साइड का शीशा तोड़ दिया
यहां एनुअल पास नहीं चलता! ₹50 दो वरना गोली मरवा देंगे… हमारा टोल है, कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”
डर के माहौल में शिकायतकर्ता किसी तरह वहां से निकले और पूरे प्रकरण की शिकायत NHAI में की। अब वह मामले को लेकर पुलिस महानिदेशक, भोपाल तक जाने की तैयारी में हैं।
CCTV में कैद पूरी घटना
द्विवेदी का कहना है कि यदि भविष्य में उन्हें कोई खतरा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी टोल संचालक और कर्मचारियों की होगी।
शहडोल टोल पर बड़े सवाल
एनुअल पास क्यों नहीं मानते कर्मचारी?
हर दूसरे दिन यहां विवाद क्यों?
क्या प्रशासन सिर्फ तमाशबीन?
टोल गाइडलाइन की धज्जियाँ उड़ाने वालों पर कार्रवाई कब?



