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11 Feb 2026, Wed

क्या महादेव सट्टा का मास्टरमाइंड आरक्षक प्रवीण सिंह, ? अगर मास्टरमाइंड तो कब होगा सलाखों के पीछे?

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है जिसमें आरक्षक प्रवीण सिंह पर महादेव सट्टा ऐप का मास्टरमाइंड होने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सत्तीपारा निवासी सत्यम केसरी द्वारा जारी वीडियो में आरक्षक को सट्टा संचालन का मुख्य चेहरा बताया गया है।

वर्तमान में बलरामपुर जिले में पदस्थ आरक्षक प्रवीण सिंह पर जैसे ही आरोप लगे और पुलिस हरकत में आई, प्रवीण सिंह ने जहर खाकर आत्महत्या का नाटक कर डाला। पहले उसे बलरामपुर अस्पताल में भर्ती किया गया, फिर गंभीरता का हवाला देकर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

सूत्रों की मानें तो बलरामपुर एसपी ने कोतवाली अंबिकापुर में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। इससे यह सवाल और गहराने लगा है कि क्या वाकई प्रवीण सिंह की ‘ऊपर’ तक पहुंच है, जैसा कि वीडियो में दावा किया गया है?

लोगों का कहना है कि हजारों युवाओं की ज़िंदगी बर्बाद करने वाले महादेव सट्टा रैकेट में यदि वर्दीधारी लोग शामिल हैं तो कार्रवाई क्यों रुकी हुई है? क्या इस चुप्पी का कोई ‘खास मतलब’ है?

पुलिस की छवि पर सीधा सवाल उठाते हुए शहरवासी जानना चाहते हैं कि
▶️ आखिर आईजी दीपक कुमार झा अब तक चुप क्यों हैं?
▶️ कार्रवाई की रफ्तार थमी क्यों है?
▶️ अगर आम आदमी पर आरोप लगता, तो क्या पुलिस इतनी ‘नरमी’ बरतती?

हर चौक-चौराहे पर अब बस एक ही चर्चा है —
“आरक्षक प्रवीण सिंह पर कार्रवाई आखिर कब होगी?”

महादेव सट्टा जैसे संगठित अपराध में पुलिसकर्मी की संलिप्तता बेहद गंभीर मामला है। यदि ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती तो आम जनता का पुलिस प्रशासन से भरोसा उठ जाएगा।

अब देखना ये है कि क्या कानून का डंडा वर्दी वालों पर भी समान रूप से चलेगा, या ये मामला भी किसी फाइल में दफ्न हो जाएगा।