बलरामपुर/रामानुंजगंज : वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) निखिल सक्सेना की सतर्कता और कड़क कार्यशैली के चलते इन दिनों क्षेत्र में लकड़ी तस्करों के हौसले पस्त हैं। रामानुंजगंज के चोरपहरी बैरियर (चोरपहरी चेक पोस्ट) पर नियमित चेकिंग अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने एक ट्रक को रोककर जांच की, जिसमें भारी मात्रा में सेमर लकड़ी लोड कर अवैध परिवहन किया जा रहा था।
जांच के दौरान जब वाहन चालक से लकड़ी परिवहन संबंधी दस्तावेज़ मांगे गए, तो चालक द्वारा फर्जी दस्तावेज़ प्रस्तुत किए गए। रेंजर निखिल सक्सेना ने तुरंत दस्तावेज़ की सत्यता पर संदेह जताते हुए ऑनलाइन पोर्टल से वाहन की जांच करवाई, जिसमें ट्रक में लोड लकड़ी के परिवहन का कोई भी वैध रिकॉर्ड नहीं मिला।
इसके बाद वन विभाग ने बिना देरी किए वाहन क्रमांक CG 15 AC 5484 को मौके पर ही जब्त कर लिया। रेंजर सक्सेना ने स्पष्ट कहा कि – “जंगल की संपदा हमारी धरोहर है, इसकी सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होगा।
निखिल सक्सेना की ईमानदार छवि, तेज़ निर्णय क्षमता और ज़मीनी स्तर पर सक्रिय नेतृत्व की वजह से वन अमला भी पूरे जोश के साथ काम कर रहा है। उनकी कार्रवाई से क्षेत्र में संदेश साफ़ है कि – अब अवैध लकड़ी परिवहन और तस्करी पर वन विभाग की पैनी नज़र और कड़ी चोट लगातार जारी रहेगी।
वन विभाग द्वारा वन अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार वाहन चालक और संबंधित तस्करों से पूछताछ जारी है, और आगे भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
रेंजर निखिल सक्सेना की इस कार्रवाई की स्थानीय लोगों, पर्यावरण प्रेमियों और जनप्रतिनिधियों ने भी जमकर सराहना की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब से निखिल सक्सेना ने कमान संभाली है, जंगल सुरक्षित महसूस कर रहा है और तस्कर खौफ में हैं।


