Breaking
11 Feb 2026, Wed

रिश्वतखोर शिक्षक पर विभाग मेहरबान — सर्विस बुक सत्यापन के नाम पर उगाही का खेल!

बलरामपुर। शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरी का एक और शर्मनाक चेहरा सामने आया है। वाड्रफनगर विकासखंड के CAC बालकुमार पाठक पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने शिक्षकों से सर्विस बुक सत्यापन के नाम पर प्रति शिक्षक ₹3000 की रिश्वत मांगी।

सूत्रों के अनुसार, दिनांक 31 अक्टूबर 2025 को आयोजित संयुक्त बैठक में बालकुमार पाठक ने खुलेआम मौखिक निर्देश देते हुए कहा कि —

> “जो शिक्षक ₹3000 नहीं देंगे, उनका सर्विस बुक सत्यापन नहीं होगा। उन्हें खुद अंबिकापुर जाकर सत्यापन कराना पड़ेगा, अन्यथा उनका नवंबर माह का वेतन रोक दिया जाएगा।”



इस दबाव में कई शिक्षकों ने फोनपे और अन्य यूपीआई माध्यमों से पैसे दिए, जिसकी लेनदेन की डिजिटल रसीदें उपलब्ध हैं। कुछ ईमानदार शिक्षकों ने इस जबरन वसूली का विरोध किया और दिनांक 8 नवंबर 2025 को जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर को लिखित शिकायत भी सौंपी।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि शिकायत के बाद भी विभाग अब तक खामोश है। अधिकारियों का कहना है कि यह “आपसी लेनदेन” का मामला है। जबकि शिक्षकों का स्पष्ट दावा है कि जब शिकायत हुई, तभी बालकुमार पाठक ने पैसे लौटाए — यह दर्शाता है कि रिश्वत ली भी गई और डर के कारण लौटाई भी गई।

अब सवाल यह है कि —
📌 क्या शिक्षा विभाग रिश्वतखोर कर्मचारियों के आगे नतमस्तक है?
📌 क्या डिजिटल सबूतों के बावजूद विभाग चुप रहेगा?
📌 क्या शिक्षक संघ इस खुली उगाही पर अपनी आवाज़ बुलंद करेगा?

जनता और ईमानदार शिक्षकों की नज़र अब जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर पर टिकी है — कि वे भ्रष्टाचार के इस खुले खेल पर कब तक मौन रहेंगे।